मैं नहीं जानता!

I don’t know कहना इस दुनिया का सबसे मुश्किल काम है बेहद courage चाहिए यह मानने के लिए मुझे नहीं पता लेकिन पढ़ाई का असली उद्देश्य यही है कि हम मान ले कि हमें बहुत कम पता है सुकरात अर्थात सेक्रेट ने एक बड़ी अच्छी बात कही जब लोगों ने कहा आप सबसे बड़े ज्ञानी हैं उसने कहा तुम कहते हो तो मैं मान लेता हूं पर एक खास संदर्भ में मानूंगा _
I know that I don’t know anything but others who believe they know, they don’t know that they don’t know.
“यह जान लेना कि मैं कुछ नहीं जानता यही जानना है।”
एक दूसरे philosopher David hum_ जो एक scaptical philosopher है वे कहते हैं जिनको भरोसा है कि वह बहुत कुछ जानते हैं और जिनको भरोसा है वे कुछ नहीं जानते तो सच बात है उनमें बहुत थोड़ा सा अंतर है।
Poland की poetess हैं “Vislava symboska”तो जब उन्हें साहित्य पुरस्कार दिया गया और उन्होंने उसे स्वीकार किया उसके भाषण के main theme है कि दुनिया का सबसे ताकतवर वाक्य है मैं नहीं जानता।
क्योंकि भी संभावनाओं के दरवाजे खुलती है आपका संशय आप को खोज की तरफ ले जाता है।
जैन दर्शन में एक विचार है स्यादवाद जो कहता है हम सबकी समझ, नॉलेज बहुत लिमिटेड है तो सबसे बड़ा ज्ञानी वह है जो कहे कि सापेक्षता मैं यह जानता हूं।
Relatively I know this and my knowledge is relative to certain limitations.
इस बारे में “Pyro” कहते हैं क्या आप कुछ भी बोलो उसमें शायद लगाकर बोलो जैसे शायद यह भी हो सकता है।
“Burton Russell” कहते हैं कि मैंने 10000 काले कौवे देखें भारत, अमेरिका, England मे देखें पर पर यह 10000 काले कौवे से भी यह साबित नहीं होता लेकिन जिस दिन एक सफेद कौवा देख लिया गया तो यह खारिज हो जाएगा कि कौवा काला होता है।
“One exception is sufficient to reject the theory that any number of positive experiments of the observation are not sufficient”.
Written by Devendra Mishra…

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